IP Address क्या है?

IP Address का मतलब होता है Internet Protocol address. IP Address को कोई भी कंप्यूटर के पहचान केलिए इस्तेमाल किआ जाता है।

IP Address

कंप्यूटर अबिस्कर होने के बाद दुनिआ में कंप्यूटर का संख्या बढ़ने लगा। इसके बाद एक युग Internet का आया। इस इंटरनेट के युग में दुनिआ भर के कंप्यूटर को एक ही Network में जोड़ दिए गए। और एक समस्या खड़ा हो गया। किस Computer कहाँ पे है और एक के साथ Communicate करने के समय दूसरे के साथ Communicate हो जाता था। इसी असुबिधा के हाल निकलाने केलिए IP Address का उपयोग हुआ।

IP साधारणतः कुछ जोड़ा Numerical नंबर होते है। जिस नंबर को दुनिआ के कोई भी Computer को Assign किआ जाता है। सभी Computer का IP नंबर अलग अलग होते है। कोई भी Computer के IP Address के बिना Computer कोई भी काम नहीं करसकता है।

सबसे पहले IEEE (Institute of Electrical and Electronics Engineers) ने 1974 मई महीने में IP के बारेमे एक लेख Publish किए। उसके बाद IP के बारेमे पूरी research सुरु हुई। उसके बाद Finally, 1981 में IPv4 का अबिर्भाव हुआ। इस IPv4 अभी भी हमारा Internet में IP के रूप में काम कर रहा है। IPv4 32-bit नंबर होता है।

IP address को Internet Assigned Numbers Authority (IANA) के द्वारा नियंत्रित किए जाते है।

उदहारण: 136.23.322.6, 8.8.4.4, 74.119.76.0

दुनिआ के बढ़ती आबादी के कारन कंप्यूटर के uses बढ़ रहा है और इसके साथ साथ Computer के संख्या भी बढ़ रहा है। इसके कारन 2008 में IPv6 के ऊपर काम हुआ। IPv6 128 bits का होती है।

उदहारण: 2001:db8:0:0234:0:567:8, 1 . 2 . 3 . 4; 12 . 102 . 103 . 103

ये IPv4 और IPv6 में 4 और 6 IP के बिभिन्न Version को सूचित करता है।

अक्सर देखा गया की लोग इन् नाम को याद नहीं रख पाते है। इसीलिए Domain Name का अबिस्कर किए गए है। जिसके कारन आसानी से हम कोई भी कंप्यूटर के तथ्य को Access करपाते है।